📖 You are reading the free text version. Get our mobile app for 🎧 audio narration, 💬 speaking practice, 🔄 instant translations, and 💾 vocabulary saving to enhance your learning experience.
अनिता एक छोटी लड़की है। वह रोज़ शाम को पार्क में जाती है।
एक दिन, जब वह पार्क में खेल रही थी, उसकी चप्पल टूट गई। उसने कहा, "अब मैं कैसे जल्द घर जाऊँगी?"
उसने चप्पल को हाथ में पकड़ा और धीरे-धीरे चलने लगी। रास्ता थोड़ा दूर था। लोग उसे देख रहे थे।
अनिता ने कोशिश की कि वह जल्दी चले, लेकिन चप्पल से पैर थक रहे थे। वह थोड़ी परेशान हुई।
फिर उसने देखा कि पास में एक दुकान है। दुकानदार ने उसे मुस्कुराकर देखा। अनिता ने उसका ध्यान अपनी टूटी चप्पल पर दिलाया।
दुकानदार ने कहा, "तुम चप्पल देखो, मैं तुम्हारे लिए नई चप्पल निकालता हूँ।"
अनिता ने चप्पल देखी, वे बहुत साधारण थीं। उसने कहा, "धन्यवाद, पर ये मेरी पसंद की चप्पल नहीं हैं।"
दुकानदार हँसा और बोला, "कभी-कभी नई चीज़ें हम जल्दी पसंद नहीं करते।"
अनिता ने अचानक सोचा कि वह घर जाकर अपनी पुरानी चप्पल की जगह ये चप्पल पहन सकती है। उसने नई चप्पल लेकर घर की तरफ चल दी।
रास्ते में वह नए अनुभव के बारे में सोच रही थी। उसे पता था कि कभी-कभी नई चीज़ें अलग लगती हैं, लेकिन वे ठीक भी हो सकती हैं।
घर पहुँचकर उसने चप्पल रख दी और खिड़की के पास बैठकर बाहर देखा। सूरज धीरे-धीरे डूब रहा था। अनिता ने महसूस किया, "एक छोटा बदलाव भी जिंदगी में नया रंग ला सकता है।"