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अंकित एक दिन जंगल के पास गया। उसने सोचा, "आज मैं जंगल में थोड़ा सफ़र करूँगा।"
जैसे-जैसे वह आगे बढ़ा, पेड़ और छोटे जानवर उसके चारों ओर थे। अंकित को बहुत मज़ा आ रहा था। अचानक उसने देखा कि रास्ता दो भागों में बँट गया है।
वह सोचने लगा, "किस तरफ जाऊँ?" एक रास्ता साफ था और दूसरा रास्ता थोड़ा घना था। अंकित ने घने रास्ते का चयन किया।
घने रास्ते में अचानक उसे कोई आवाज़ सुनाई दी। वह रुका और देखा कि एक बिल्ली की गर्भवती मादा पड़ी है। वह डर गयी थी।
अंकित ने सोचा, "मैं उसकी मदद करूँ या नहीं?" वह पास गया और धीरे से उसे छुआ। बिल्ली ने उसे देखा और वह शांत हो गई।
अंकित ने अपना नाश्ता दिया। बिल्ली ने खाना खाया और धीरे-धीरे उठी। अंकित खुशी से मुस्कुराया।
उसने देखा कि बिल्ली के पीछे एक छोटा रास्ता है जो जंगल से बाहर जाता है। अंकित ने सोचा, "शायद यह रास्ता मुझे सही जगह ले जाएगा।"
अंकित ने उस रास्ते पर चलना शुरू किया। वह बाहर आया, और उसने देखा कि वह घर के करीब है।
अंकित ने सोचा, "कभी-कभी रास्ते हमें नई चीज़ें दिखाते हैं, और हमें सही निर्णय लेने की ज़रूरत होती है।" वह हँसता हुआ घर चला गया।