📖 You are reading the free text version. Get our mobile app for 🎧 audio narration, 💬 speaking practice, 🔄 instant translations, and 💾 vocabulary saving to enhance your learning experience.
संध्या हर शाम घर के बगीचे में बैठती है। वह अपनी किताब पढ़ना बहुत पसंद करती है।
एक दिन, जब वह पढ़ रही थी, तब बारिश शुरू हो गई। उसने सोचा, "मैं जल्दी घर जाऊँगी।" लेकिन बारिश तेज हो गई।
संध्या डर गई और किताब बंद कर दी। वह भागते हुए घर की तरफ आई, लेकिन रास्ते में गीली हो गई। उसका मन थोड़ा दुखी था।
घर में आकर, उसने सोचा, "बारिश भी अच्छी है, लेकिन बिना छत के बाहर होना मुश्किल है।" उसने खिड़की से बाहर देखा, बारिश के बूंदें पेड़ों पर गिर रही थीं।
संध्या ने अपनी किताब फिर से खोली और बारिश की आवाज़ सुनते हुए पढ़ना शुरू किया। वह खुश महसूस करने लगी क्योंकि उसे बारिश और किताब दोनों से अच्छा लगा।